Complaint Status

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Complaint Status

  • बताओ फ़िर उसे क्यूँ नहीं महेसुस होती बैचेनिया मेरी जो अक्सर केहती थी की बहुत अच्छे से जानती है वो मुझे.
  • इसलिए भी खामोश रहने लगा हूँ मैं आजकल क्योंकी उस पर मेरी बात का अब कोई असर नहीं होता.
  • तेरे साथ बिता हुआ कल भारी है मेरे आज पर.
  • काश कभी ऐसा भी हुआ होता मेरी कमी ने तुझको उदास किया होता.
  • हम कोई छोटी सी कहानी नहीं थे बस पन्ने ही जल्दी पलट दिए तुमने.
  • सूना था ख्वाब अपने होते है लेकिन ये भी कमबख्त तेरे निकले.
  • वास्ता नहीं रखना तो नजर क्यूँ रखते हो किस हाल में हूँ ज़िंदा ये खबर क्यूँ रखते हो.
  • ना वो मेरी तक़दीर में ना मैं उसकी किस्मत में फिर भी ना जाने क्यूँ दिल उसे अपना बनाने की सोच में लगा रहता है.
  • बेपरवाह हो जाते है अक्सर वो लोग जिन्हे कोई बहुत प्यार करने लगता है.
  • चलो मान लिया की मुझे मोहब्बत करनी नहीं आती लेकीन ये बतायो तुम्हें दिल तोडना किसने सिखाया.
  • उसको भी हमसे मुहब्बत हो ज़रूरी तो नहीं इश्क ही इश्क की किम्मत हो ज़रूरी तो नहीं.
  • कैसे भूल सकता है कोइ किसीको जब किसीको किसीकी आदत हो जाती है.
  • बोला ना की तेरे बिना जी नहीं सकते हम बस इसी बात का फायदा उठाते हो न तुम.
  • चाँद सी सूरत जो रब ने दे दी थी तुमको काश रौशन मेरी किस्मत का सितारा करते.
  • देखो ज़माना हो गया मगर मेरी चाहत नहीं बदली किसीकी ज़िद नहीं बदली मेरी आदत नहीं बदली.
  • आजकल बहुत नाराज़ रहते हो हमसे कहीं हमारे मनाने के तरीके से मोहब्बत तो नहीं कर बैठे हो.
  • उसके जैसी कोई दूसरी कैसे हो सकती है अब तो वो खुद भी खुद के जैसी नहीं रही.
  • सजा देना तो मुझे भी आता है पर उसे तकलीफ पहुंचे ये हमें गँवारा नहीं.
  • तुम्ही से रूठकर तुम्हे ही सोचते रहना मुझे तो ठीक से नाराज होना भी नहीं आया कभी.
  • हद से बढ़ गया है तेरा नज़र अदाज करना ऐसा सलुक न करो की हम भुलने पे मजबुर हो जाये.
  • मुझे रुसवा ना कर भरी महफ़िल में बंद कमरे में चाहे क़त्ल कर दे मेरा.
  • यही बहुत है की दिल उसको ढूँढ लाया है किसीके साथ सही वो नज़र तो आया है.
  • गुरुर-ए-हुस्न की मदहोशी में उनको ये भी खबर नहीं कौन चाहेगा मेरे सिवा उनको उम्र ढल जाने के बाद.
  • हमने हर बार बदला है खुद को सिर्फ़ उसके लिए और वो कहता है की तुम पहले जैसे नहीं रहे.
  • पता नहीं कब जायेगी तेरी लापरवाही की आदत कुछ तो संभाल कर रखती मुझे भी खो दिया.
  • पगली इतने गुस्से से मत देख मुझे मैं तुमसे प्यार करता हूँ दुश्मनी नहीं.
  • इतनी भी मनमानियां अच्छी नहीं आप सिर्फ अपने ही नहीं हमारे भी हो.
  • तुम वह हो जिसको हम खोना नहीं चाहते और हम वोह है जिसके तुम होना नहीं चाहते.
  • शिकायत जिन्दगी से नही उनसे है जो जिन्दगी में नहीं है.
  • दुनिया चाँद तक पहुँच गयी और एक मैं हूँ पता नहीं तुम्हारे दिल तक कब पहुँच पाऊं.
  • पगली तू भी Freedom की तरह निकली पसंद तो आ गई पर पता नहीं मिलेंगी भी या नहीं.
  • मिलते है बहोत लोग जुबान को समझने वाले काश कोई मिले जो धड़कन को भी समझे.
  • मुझे फर्क नहीं पडता की तुम मेरे हो या नहीं लेकिन ये बताओ की जहाँ हो ठीक हो या नहीं.
  • अब आ गए हो आप तो आता नहीं कुछ याद वरना कुछ हम को आप से कहना ज़रूर था.
  • तुम्हें मालुम था ना की मैं तुम बिन जी नहीं सकती काश मेरे मजबूत होने तक तो तू मेरा साथ देता.
  • उम्र के आखरी पड़ाव तक तुझे भूलूंगा तो नहीं लेकिन तुझसे खफा भी रहूँगा उसी पड़ाव तक.
  • उसके लिए प्यार सिर्फ एक खेल था वो जीत गए और हम हार गए.
  • रो रो कर उसने कहा मुझे नफरत है तुमसे अगर नफरत ही थी तो फिर वो इतना रोये क्यूँ .
  • Complaint Status In Hind

  • तेरी तलब में जला डाले सारे आशियाने कहाँ रहूँ मैं तेरे दिल में घर बनने तक.
  • शिकायत खुद से भी है और खुदा से भी जो मिलता है वो मंजूर नहीं और जिसे चाहो वो हाँसिल नहीं.
  • फैंसला ये है की अब आवाज नहीं देनी किसीको हम भी देखे कौन कितना तलबगार है हमारा.
  • मेरी गलती सामने आयी तो जज बन गए तुम्हारी गलती सामने आयी तो वकील बन गए.
  • बात करे तो लगता है वो सिर्फ मेरा है. और ना करे तो लगता है जैसे जानता ही नहीं.
  • रखने को तो रखते है ख़बर सारे जहाँ की एक मेरे ही दिल की वो ख़बर नहीं रखते.
  • अब किसीसे भी शिकायत ना रही जाने किस किस से गिला था पहले.
  • इतना भी नजरअंदाज मत करो मुझे की मैं तुम्हें भूलने पे मजबूर हो जाऊं.
  • कोई तो ऐसी बात करो जिससे लगे की तुम मेरी हो.
  • आँख से आँख मिला बातें बनाता क्यूँ है तू अगर मुझसे है खफा तो छिपाता क्यूँ है.
  • हम अल्फाजों के इंतजार में थे उन्होंने खामोशी से वार कर दिया.
  • तुझे कितना कहा था की मुझे अपना ना बना अब मुझे छोड़ के दुनिया में तमाशा ना बना.
  • बरसो बाद तेरे करीब से गुज़रे जो न संभलते तो गुज़र ही जाते.
  • मुह फेरना क्या तेरा धोखा नहीं था मिलना बिछड़ना तो मुकद्दर की बात थी.
  • हम तो इतने बेबस है की रूठ भी नहीं सकते क्यूंकि मनाना तो दूर की बात है फिर शायद वो भूल ही जायेंगे.
  • तू मेरे साथ होगा तो क्या कहेगा जमाना मेरी यही एक तमन्ना और तेरा यही एक बहाना.
  • आँखें थक गई है शायद आसमान को तकते तकते वो तारा नहीं टूटता जिसे देखकर मैं तुम्हें मांग लूँ.
  • तुम नाराज हो जाओ रूठो या खफा हो जाओ पर बात इतनी भी ना बिगाड़ो की तुम जुदा हो जाओ.
  • जिसके साथ चलते हो हजारों हँसाने वाले एक मेरे होने ना होने से क्या फर्क पड़ेगा उसे.
  • वो दिन जल्दी क्यूँ नहीं गुजरता जिस दिन तेरे से बात नहीं होती.
  • खुद को माफ़ नहीं कर पाओगे जिस दिन जिंदगी में हमारी कमी पाओगे.
  • बस यही ना की तड़पकर गुजर जाएगा दिन तुम याद नहीं करोगे तो कौन सी नहीं होगी शाम.
  • एक मैं हूँ जिसे लहेरों की तरह चैन नहीं एक वो है जो खामोश समंदर की तरह है.
  • मैं ख़ामोश हूँ तो क्या हुआ तू भी तो कभी आवाज़ दे.
  • काश आइना कुछ लोगों को उनके चहेरे के साथ औकात भी दिखा देता.
  • नज़र अंदाज़ करने की वज़ह क्या है बता भी दो मैं वही हूँ जिसे तुम दुनिया से बेहतर बताती थी.
  • मैं नफरत के काबिल अगर हूँ तो मुझे छोड़ दे पर मुझसे यूँ दिखावे की मोहब्बत ना किया कर.
  • मुझे तेरे काफ़िले में चलने का कोई शौक नहीं मगर तेरे साथ कोई और चले ये मुझे अच्छा नहीं लगता.
  • वो कह गये थे की अब कभी न आएँगे रात को सपनों में आये थे झूठे कहीं के.
  • दूध में केसर सी तेरी आँखों की रंगत ये बताती है तुम भी रात भर नहीं सोये.
  • उदासियों का ये मौसम बदल भी सकता था वो चलता तो मेरे साथ चल भी सकता था.
  • काश पानी की छींटे मारने से चेहरे की उदासियाँ धुल जाया करती.
  • अगर तुम्हें पा लेते तो किस्सा इसी जन्म में खत्म हो.
  • तुम्हें भी वक्त की चौखट पे नींद आ ही गई पलट के तुम भी ना आई मेरी खुशियों की तरह.
  • उस पगले को कभी मेरी मोहब्बत नजर नहीं आएगी जिसके लिए अपने माँ-बाप तक से झूठ बोल लेती हूँ मैं.
  • चल ना यार हम फिर से मिट्टी से खेलते है. हमारी उम्र क्या थी जो मोहब्बत से खेल बैठे.
  • शिकवे आँखों से गिरा करेंगे अब होठों से शिकायत करके शर्मिन्दा है हम.
  • शिकायत जिंदगी से नहीं है. उससे है जो जिंदगी में नहीं है.
  • बात इतनी है की तुम बहोत दूर होते जा रहे हो और हद ये है की तुम ये मानते भी नहीं.
  • कुछ शिकवें ऐसे भी है जो खुद ही किये और खुद ही सुने.
  • काश ये वक्त मेरे बस में होता. तो मैं गुजरने ही ना देती तुझसे मुलाक़ात के लम्हें.
  • Complaint Status for WhatsApp

  • बहुत नजदीक होकर भी वो इतना दूर है मुझसे इशारा हो नहीं सकता और पुकारा भी नहीं जाता.
  • उसको फुरसत नहीं है दुनिया से वो एक शख्स जो मेरी दुनिया है.
  • तू मेरे साथ होगा तो क्या कहेगा जमाना मेरी यही एक तमन्ना और तेरा यही एक बहाना.
  • सूना है प्यार में लोग जान तक दे देते है पर जो लोग वक्त नहीं देते वो जान कहाँ से देंगे.
  • कदर नहीं है आज भी तुझे मेरी इस चाहत की सिर्फ खुदा ही जानता है इंतिहा मेरी इबादत की.
  • ओ आँख चुरा के जाने वाले हम भी थे कभी तेरी नज़रों में.
  • प्यार से भी तो रह सकते थे ना हम नफरतें तो पहेले ही बहोत थी इस दुनिया में.
  • हम जो ना होंगे तो बहोत याद करोगे.
  • बहोत नाराज हो शायद जो हम को इस तरह भूल बैठे हो ना ये पूछा की कैसे हो और ना ये की हो भी या नहीं.
  • चलो माना तुम्हारी आदत है तडपाना मगर जरा सोचो अगर कोई मर गया तो.
  • बोल नहीं रहा इसका मतलब ये नहीं की भूल गया हूँ मैं मुझे ये देखना है की तुझे मेरी याद कितनी आती है.
  • बहोत अलग सा है मेरे शब्दों का हाल एक तेरी खामोशी और मेरे लाखों सवाल.
  • मेरी चाहत को दिल्लगी कहने वालों कभी तुम भी इसी के लिए तरसोगे.
  • कदर नहीं है आज भी तुझे मेरी इस चाहत की सिर्फ खुदा ही जानता है इंतिहा मेरी इबादत की.
  • ओ आँख चुरा के जाने वाले हम भी थे कभी तेरी नज़रों में.
  • प्यार से भी तो रह सकते थे ना हम नफरतें तो पहेले ही बहोत थी इस दुनिया में.
  • हम जो ना होंगे तो बहोत याद करोगे.
  • बहोत नाराज हो शायद जो हम को इस तरह भूल बैठे हो ना ये पूछा की कैसे हो और ना ये की हो भी या नहीं.
  • चलो माना तुम्हारी आदत है तडपाना मगर जरा सोचो अगर कोई मर गया तो.
  • बोल नहीं रहा इसका मतलब ये नहीं की भूल गया हूँ मैं मुझे ये देखना है की तुझे मेरी याद कितनी आती है.
  • बहोत अलग सा है मेरे शब्दों का हाल एक तेरी खामोशी और मेरे लाखों सवाल.
  • मेरी चाहत को दिल्लगी कहने वालों कभी तुम भी इसी के लिए तरसोगे.
  • इसलिये चुप हूँ की बात और न बढ़ जाये कहीं वरना सच ये है की कुछ गिला तुमसे है तो सही.
  • काश हमारी जिंदगी में कोई ऐसा फ़रिश्ता होता जो आपकी जिन्दगी में हमें लिख देता.
  • लोगों की बातें सुनकर मुझे छोड़कर जाने वाले हम कितने बुरे थे तुम पता तो कर लेते .
  • कल मिला वक़्त तो जुल्फें तेरी सुलझा दूँगा आज उलझा हूँ ज़रा वक़्त को सुलझाने में.
  • प्यास अगर मेरी बुझा दे तो तुझे मानु मैं वरना तू समंदर भी हो तो मेरे किस काम का.
  • याद है तुमसे बात करने में अक्सर सारी रात गुजर जाती थी.
  • हम पूरा दिन ऑनलाइन रहकर उनका #wait करते है और वो सोचते है की हम किसी ओर से बात कर रहे है.
  • मैं तो इस वास्ते चुप हूँ की तमाशा ना बने तू समझता है की मुझे तुझसे गिला कुछ भी नहीं.
  • कुछ दिन से ज़िंदगी मुझे पहचानती नहीं यूँ देखती है जैसे मुझे जानती नहीं.
  • सुनो तुम यूँ हमसे खफा ना हुआ करो पता है ना की हम कुछ भी नहीं तुम्हारे बिना.
  • तेरी बातों में लाख मिठाश सही पर जहर सा लगता है तेरा किसी और से बात करना.
  • रोज मिलते है लेकिन कुछ कहते सुनते नहीं मेरे सामने वो सिर्फ मेरी धड़कन बढ़ाने आते है.
  • रात से शिकायत क्या बस तुम्हीं से कहना है तुम ज़रा ठहर जाओ ना रात कब ठहरती है.
  • तुम मुझे हँसी हँसी में खो तो दोगे पर याद रखना फिर अपने आँसूं में ढूंढोगे.
  • Complaint Status for Facebook

  • मेरे उदास होने पर वो कभी बात नहीं करते थे खुद मायूस होते तो साथ मुझे भी कर देते थे.
  • तेरी महफ़िल और मेरी आँखें दोनो सदा ही भरी-भरी क्यूँ रहती है.
  • तू मेरी सोच है जान कोई और तुझे सोचे क्यूँ.
  • मार दो जान से पर ऐसी सजा मत दो की तुम हमारे सामने बैठी रहो किसी अजनबी की तरह.
  • क्यूँ खेलते हो तुम हमसे मोहब्बत का खेल बात बात में रूठ तुम जाते हो और टूटकर बिखर हम जाते है.
  • तुम ज़िन्दगी की छोड़ो और अपनी बात करो उससे भी कहीं ज्यादा तुमने सताया है मुझे.
  • मेरी तक़दीर मेरे साथ नहीं वरना सारा दिन तुझे बाहो में बसा के रखता.
  • नज़र के सामने रहना और नज़र नहीं आना तुम्हारे सिवा ये हुनर किसीको नहीं आता.
  • हर बार इल्ज़ाम हम पर लगाना अच्छा नहीं वफ़ा खुद से होती नहीं और खफ़ा हमसे हो जाते हो.
  • एक बार गले मिलकर रोने जो दिया होता एक पल तो मोहब्बत को मैंने भी जिया होता.
  • रुक रुक के लोग देख रहे है मेरी तरफ तुमने जरा सी बात को अखबार बना दिया.
  • तुम्हारे साथ चलते है हजारों चाहने वाले मेरे होने या ना होने से क्या फर्क पड़ता है.
  • इन होंठो की भी न जाने क्या मजबूरी होती है वही बात छुपाते है जो कहनी जरुरी होती है.
  • मुझसे खुशनसीब है मेरे लिखे ये लफ्ज जिनको कुछ देर तक पढेगी तेरी निगाहें.
  • मेरी नींद हराम करने वाले अब तेरे ख्वाब कौन देखेगा.
  • मेरी ख़ामोशी में सन्नाटा भी है शोर भी है तूने देखा ही नहीं आँखों में कुछ और भी है.
  • मेरा दिल कैसे उदास ना हो यारों वो # Online तो है मगर गैरों के लिए.
  • शिकवा तो ऐसे करते है जैसे हम ही नसीब लिखते है.
  • काश अपनी भी ऐसी ही एक रात आती मैं देखता उसका ख्वाब और वह सच में आ जाती.
  • मेरी नींद हराम करने वाले अब तेरे ख्वाब कौन देखेगा.
  • मेरी ख़ामोशी में सन्नाटा भी है शोर भी है तूने देखा ही नहीं आँखों में कुछ और भी है.
  • मेरा दिल कैसे उदास ना हो यारों वो # Online तो है मगर गैरों के लिए.
  • शिकवा तो ऐसे करते है जैसे हम ही नसीब लिखते है.
  • काश अपनी भी ऐसी ही एक रात आती मैं देखता उसका ख्वाब और वह सच में आ जाती.
  • हद से बढ़ गया है तेरा नज़र अदाज करना ऐसा सलुक न करो की हम भुलने पे मजबुर हो जाये.
  • तुम्हारे नाम के निचे #Online नहीं #Typing देखने को जी चाहता है.
  • शिकायत करने से खामोश रहना बेहतर है क्यूंकि जब किसीको फर्क नहीं पड़ता तो शिकायत कैसी.
  • तेरे करीब आकर बडी उलझन में हूँ मैं गैरों में हूँ या तेरे अपनो में हूँ.
  • बहूत सवाल करती हो तुम इतना प्यार ही कर लेती तो जवाब मिल जाते.
  • ये सोचकर उसकी हर बात को सच मान लेते थे की इतने खुबसूरत लब झूठ कैसे बोल सकते है.
  • काश प्यार में भी कुछ कायदे होते जब भी मैं चाहूँ और तुम मेरे करीब होते.
  • हमें अच्छा नहीं लगता तुम्हें कोई और अच्छा लगे.
  • बहुत शौक है न तुझे बहस का आ बैठ और बता मोहब्बत क्या है.
  • ठहर जाते तो शायद मिल जाते हम तुम्हें इश्क में इन्तजार किया करते है जल्दबाजी नहीं.
  • हम तो इस वास्ते चुप है की कोई तमासा ना बने तुम समजते हो की मुझे तुमसे गिला कुछ भी नहीं.
  • एक पहेली है सुलझाओगे मेरे हो या नहीं ये बतलाओगे.
  • जिन्दगी मिली भी तो है मुझे सिर्फ दो दिन की ये दो दिन भी बीत रहे है उसको मनाने में.
  • तुम्हें मालूम ही था की मैं तन्हा नहीं रह सकता मेरे साथ रुक जाते मेरी आदत बदलने तक.
  • काश बदल जाये ये वक़्त भी और उसे जरूरत हो मेरी पहले की तरह.
  • उधार रहा मुझ पर वो वक़्त तेरा जब हुआ करता था तुझ पर सिर्फ हक़ मेरा.
  • तुम हमें जान पाओ तुम्हें इतनी फुरसत कहाँ थी और हम तुम्हें भुला पाते इतनी हममें जुररत कहाँ थी.
  • आज तो बस साफ़ साफ़ बता दो मेरा होना है या मुझे खोना है.
  • जितना रूठना है आज रूठ ले पगली जिस दिन हम रूठ गए तू जिना भूल जायेगी.
  • मेरी बेकरारी देखी है तूने कभी सब्र भी देख मैं इतना खामोश हो जाऊँगी की तू चिल्ला उठेगा.
  • आज उसने एक अजीब सवाल कर दिया मुझसे मरते तो मुझ पर हो फिर जीते किसके लिए हो.
  • ये तेरी आधी अधूरी मोहब्बत मुझे तकलीफ देती है ना खुद मरती है और ना ही मेरी जान लेती है.
  • जब रिश्तों में ग़लतफ़हमियाँ बढ़ जाए तो सच्चा प्यार भी झूठा लगने लगता है.
  • तरस जाओगे हमारे लबों से सुनने को एक एक लफ्ज जब हम प्यार की बातें तो क्या शिकायत भी नहीं करेंगे.
  • Complaint Status for Instagram

  • क्यूँ कर रहे हो भला तुम बगावत खुद से मान क्यों नहीं लेते की तुम्हे भी है मोहब्बत मुझसे.
  • बहोत अहेसान है हम पे तुम्हारे एक और कर देते होकर हमारे.
  • दामन छुड़ा के आपको जाना ही था अगर नजरे उठा के प्यार से देखा था किस लिए.
  • वो मुझको भूलना चाहते है और मैं भी उनको ऐ यादों अब भी तुमने आना-जाना क्यूँ लगा रखा है.
  • मोहब्बत के ये पल जो लगता है तुम्हे सुकून के बिछड़ने के बाद यही तुम्हारा सुकून छीन लेंगे.
  • कभी तो मेरी ख़ामोशी का मतलब खुद समझ लो कब तक वजह पूछोगे अंजानो की तरह.
  • अंजान अगर हो तो गुज़र क्यूँ नहीं जाते पहचान रहे हो तो ठहर क्यूँ नहीं जाते.
  • अब मैं कोई भी बहाना नहीं सुनने वाला तुम मेरा प्यार मुझे प्यार से वापस कर दो.
  • अगर तुम्हे यकीन है तुम्हारे शक पर तो हमें शक है तुम्हारे यकीन पर.
  • मेरी जिंदगी के हर किस्से में जब तुम आते हो सबसे मिलते हो पर मेरे हिस्से में क्यों नहीं आते हो.
  • तुमने देखी ही नहीं हमारी फूलों जैसी वफा हम जिस पर खिलते है उसी पर मुरझा जाते है.
  • तेरा आधे मन से बात करना मुझे पूरा तोड देता है.
  • नजरअंदाज उन्हें कर सकू जो नजर के सामने हो उनका क्या करू जो दिल में छुपे बैठे है.
  • मेरी फ़ितरत में नहीं था तमाशा करना बहुत कुछ जानते थे मगर ख़ामोश रहे.
  • रोज ख्वाबों में जीती हूँ वो जिन्दगी जो तेरे साथ मैनें हकीकत में सोची थी.
  • हर एक बार मना लेते अगर तुम पास होते हर एक खता की वजह बता देते अगर तुम साथ होती.
  • मुश्किल का मेरी मुश्किल से उनको यकीन आया समझे मेरी मुश्किल को लेकिन बड़ी मुश्किल से.
  • नहीं है शिकवा तेरी बेरुखी का शायद मुझे ही तेरे दिल में घर बनाना नहीं आया.
  • उसके जैसी कोई और कैसे हो सकती है और अब तो वो खुद भी अपने जैसी नहीं रही.
  • सामने होते हुए भी तुझसे दूर रहना बेबसी की इससे बड़ी मिसाल क्या होगी.
  • रिश्ते टूट न जायें इस डर से बदल लिया है खुद को अपनी ज़िद से ज्यादा रिश्तों को अहमियत दी है मैंने.
  • मिलते है बहुत लोग जुबान को समझने वाले काश कोई मिले जो धड़कनों को समझे.
  • क्यूँ नहीं महसूस होती उसे मेरी तकलीफ जो कहती थी बहोत अच्छे से जानती हूँ तुझे.
  • एक तू है जिसे परवाह नहीं मेरी एक मैं हूँ जो परेशान तेरे लिए.
  • काश कभी यूँ भी हो की बाजी पलट जाए उसे याद सताए मेरी और मैं सुकून से सो जाऊं.
  • जिन्दगी तो गुजर ही जाती है मोहब्बत से गुजरे तो कितनी अच्छी बात है.
  • मेरी किस्मत का भी कोई जवाब नहीं जो अच्छा लगे वही भूल जाता है.
  • मत छीन अपना नाम मेरे लब से इस तरह इस बेनाम जिन्दगी में तेरा नाम ही तो है.
  • बेखबर जमाना क्यूँ ऐतबार नहीं करता तराजु में तौलकर तो कोई प्यार नहीं करता.
  • कुछ पल का साथ देकर तुमने पल पल का मोहताज बना दिया.
  • कमाल है इश्क़ उसका भी कहती है तेरी दुल्हन को में अपने हाथो से सजाऊँगी.
  • अकेले ही काटना है मुझे जिन्दगी का सफ़र पल दो पल साथ रहकर मेरी आदत ख़राब ना कर.
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